बापू ने आज ही के दिन ‘अंग्रेजों भारत छोड़ों का नारा दिया था, आज हम ‘गंदगी भारत छोड़ो’ अभियान चला रहे: मोदी

पीएम मोदी कल राजघाट पहुंचे थे और राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र (आरएसके) का उद्घाटन करते हुए कहा कि आज का दिन बेहद ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा: देश की आजादी में आज की तारीख यानि 8 अगस्त का बहुत बड़ा योगदान है। आज ही के दिन, 1942 में महात्मा गांधी जी की अगुवाई में आजादी के लिए एक विराट जनांदोलन शुरू हुआ था, अंग्रेजों भारत छोड़ो का नारा लगा था। आज का हम अभियान चला रहे हैं ‘गंदगी भारत छोड़ो’।

उन्होंने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक दिवस पर, राजघाट के समीप, राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र का लोकार्पण अपने आप में बहुत प्रासंगिक है। ये केंद्र, बापू के स्वच्छाग्रह के प्रति 130 करोड़ भारतीयों की श्रद्धांजलि है, कार्यांजलि है। बता दें कि महात्मा गांधी को समर्पित राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र की प्रधानमंत्री ने सबसे पहले घोषणा 10 अप्रैल 2017 को गांधीजी के चंपारण ‘सत्याग्रह’ के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर की थी। यह स्वच्छ भारत मिशन के तहत एक इंटरैक्टिव एक्सपीरियंस सेंटर है। 

PM नरेंद्र मोदी दिल्ली में राष्ट्रीय स्वछता केंद्र के उद्घाटन के लिए पहुंचे। यह स्वच्छ भारत मिशन के तहत एक इंटरैक्टिव एक्सपीरियंस सेंटर है। pic.twitter.com/6QUg0iL4S6

— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 8, 2020

पीएम के संबोधन की अहम बातें

  • राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र, गांधी जी के स्वच्छाग्रह और उसके लिए समर्पित कोटि-कोटि भारतीयों के विराट संकल्प को एक जगह समेटे हुए है। इस केंद्र में सत्याग्रह की प्रेरणा से स्वच्छाग्रह की हमारी यात्रा को आधुनिक टेक्नॉलॉजी के माध्यम से दर्शाया गया है, दिखाया गया है।
  • गांधी जी कहते थे “स्वराज सिर्फ साहसी और स्वच्छ जन ही ला सकते हैं।” स्वच्छता और स्वराज के बीच के रिश्ते को लेकर गांधी जी इसलिए आश्वस्त थे क्योंकि उन्हें विश्वास था कि गंदगी अगर सबसे ज्यादा नुकसान किसी का करती है, तो वो गरीब है।
  • जब तक जनता में आत्मविश्वास पैदा नहीं होता, तबतक वो आजादी के लिए खड़ी कैसे हो सकती था? इसलिए, साउथ अफ्रीका से लेकर चंपारण और साबरमती आश्रम तक, उन्होंने स्वच्छता को ही अपने आंदोलन का बड़ा माध्यम बनाया।
  • जैसे गंगा जी की निर्मलता को लेकर हमें उत्साहजनक परिणाम मिल रहे हैं, वैसे ही देश की दूसरी नदियों को भी हमें गंदगी से मुक्त करना है। यहां पास में ही यमुना जी हैं। यमुना जी को भी गंदे नालों से मुक्त करने के अभियान को हमें तेज करना है।

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