मुंबई: हिंदी फिल्मों में जब भी सबसे लोकप्रिय खलनायकों की चर्चा होती है तो पहला नाम ‘मिस्टर इंडिया’ फिल्‍म के मोगैम्‍बो का आता है. मोगैम्‍बो की भूमिका को अमरीश पुरी ने ऐसे निभाया कि आज भी लोगों के जेहन में वो किरदार जिंदा है. वैसे मोगैम्‍बो के चरित्र को और ज्‍यादा लोकप्रिय बनाने में उसके डॉयलॉग ‘मोगैम्‍बो खुश हुआ’ ने बड़ी भूमिका अदा की थी.

इस फिल्‍म में अनिल कपूर मुख्‍य भूमिका में थे. इसमें एक आम आदमी की कहानी है जो अदृश्य होने की मशीन इस्तेमाल कर देश पर मोगैम्‍बो का हमला रोकता है . हालांकि, बहुत से लोगों को यह नहीं पता होगा कि मोगैम्‍बो का लुक कैसे तैयार किया गया था और इस भूमिका के लिए उनका नाम कैसे सामने आया था.

प्रोड्यूसर बोनी कपूर ने 1987 में निर्मित इस फिल्म के बारे में बताया कि जब मोगैम्‍बो की बात सामने आई तो निर्माताओं ने कहा कि एक नया विलेन होना चाहिये जो ‘शान’ के कुलभूषण खरबंदा एवं ‘शोले’ के अमजद खान की तरह हो. इसके बाद मोगैम्‍बो के लिए एक्‍टर की तलाश दो महीने तक चली लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला .

बाद में निर्माता बोनी कपूर, लेखक जावेद अख्तर एवं निर्देशक शेखर कपूर ने अमरीश पुरी के नाम पर निर्णय किया.

बोनी कपूर के अनुसार, वरिष्‍ठ अभिनेता इस भूमिका को लेकर बेहद उत्साहित हुए जब उन्हें इस विलेन का एक स्केच दिया गया जिसमें विग, पोशाक और अन्य साज सज्जा शामिल थी.  इसके बाद निर्माता ने बॉलीवुड के प्रसिद्ध टेलर माधव अगस्ती को स्केच दिखा कर कहा कि वह अगर ऐसा ही ड्रेस बनायेंगे तो वह उन्हें उनकी फीस की रकम दोगुनी अदा करेंगे .

फिल्म निर्माता ने बयान जारी कर बताया, ‘वह इस बात से बेहद उत्साहित थे कि उनके लुक के लिये माधव काम कर रहे हैं और मेकअप मैन गोविंद हैं. उनके संवाद और पंच लाइन जो जावेद साहब ने पटकथा में लिखे थे, इन सबने मोगैम्‍बो के व्यक्तित्व में चार चांद लगा दिया.’ उन्होंने पुरी के बारे में आगे कहा, ‘मैं उस लुक के लिए और जिस तरह उन्होंने मोगैम्‍बो का किरदार निभाया, उसका सारा श्रेय उन्हें ही दूंगा, बाकी तो फिर सब इतिहास है.’

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