July 28, 2021

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हिन्दू vs मुस्लिम: भाई-बहन की शादी सही या गलत

Hindu vs Muslim: marriage between brother and sister right or wrong

Hindu vs Muslim: marriage between brother and sister right or wrong

क्या आप जानते हैं आखिर हिन्दू धर्म में क्यों नहीं होती भाई-बहन की शादी हालांकि, इसके विपरित इस्लाम धर्म में भाई-बहन की शादी सहजतापूर्वक होती है. इसे भली-भॉति समझने के लिए हमें इतिहास के पन्नों को खुरचना होगा. दरअसल, जब हिन्दु सभ्यता के अनुसार, इस संसार की संरचना ब्रह्माजी द्वारा किया गया उसके बाद इस दुनिया में कदम रखने वाला पहला शख्स आदम था जो पुरुष था फिर बाद में आदम के पसली से ही स्त्री जाती की उत्पत्ति हुई.

फिर उन दोनों ने आपस में संबंध स्थापित किये और धिरे-धिरे जनसंख्या बढ़ती चली गई. इस बात का जिक्र कमो-बेस हर धर्म की किताबों में मिलती है. आदिम काल में मानवों के बीच सभ्यता नहीं थी. वो नंगे रहते थे और आपस में ही संबंध स्थापित कर बच्चे पैदा कर लिया करते थे ऐसे में पिता का ज्ञान के अभाव में बच्चों की पहचान माता से ही होती थी.

रक्षाबंधन की शुरुआत

धरती पर सर्वप्रथम या यूं कहे कि वैदिक ऋषियों ने ही मानव को सभ्य बनाने के लिए सामाजिक व्यवस्थायें लागु कर समस्त मानव जाती को एक सभ्य समाज का रुप दिया. फिर धिरे-धिरे मानव जाती उन्हीं के बताये रास्तों पर चलने लगे. हिन्दू धर्म में भाई- औऱ बहन का रिश्ता सबसे पवित्र और शक्तिशाली माना जाने लगा जिसका अनुसरण लोग आज भी करते हैं.

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हिन्दु धर्म में रक्षाबंधन के दिन बहन अपने भाई के कलाई पर राखी बांधती है और उसके लंबी उम्र की कामना करती है वहीं भाई अपने बहन की हमेशा रक्षा करने की कसमें खाता है. ये तो हो गई हिन्दू धर्मानुसार एक भाई और बहन की शादी न होने का पारंपरिक कारण लेकिन, इसका एक वैज्ञानिक कारण भी है.

नजदीकी रिश्तों में शादी के दुष्परिणाम

विज्ञान के अनुसार, अगर नजदीकी भाई-बहन आपस में शादी रचाते हैं तो उनसे पैदी होने वाले बच्चे में थैलासीमीया नामक गंभीर बिमारी होने की आशंका कई गूना बढ़ जाती है. दरअसल, यह एक अनुवांशिक बिमारी है जिसमें बच्चे के शरीर में खुन की कमी बनी रहती है यानि वह एनीमिया से पीड़ित हो सकता है अथवा मानसिक विकृति का भी शिकार हो सकता है. इतना ही नहीं कई केसेज में मृत बच्चे भी जन्म लेते हैं. इसलिए किसी भी धर्म या जाची में नजदीकी कज़न से शादी करने से परहेज ही रखना चाहिए.