देश के किसी भी कोने में कैसे करें कश्मीरी सेब की खेती How to cultivate Kashmiri apple in any part of the country

कश्मीर और हिमाचल प्रदेश की ठंड भरी वादियों के बाद अब सेब की पैदावार 45 से 46 डिग्री तापमान में जम्मू के कंडी बेल्ट में भी होने लगी है. वैज्ञानिकों द्वारा तैयार की गई सेब की नई पौध को HRMN-99 नाम दिया गया है. HRMN-99 के जनकदाता साइंटिस्ट के. सी. शर्मा का दावा है कि सेब की ये किस्म देश के किसी भी हिस्से की मिट्टी में 50 डिग्री तक तापमान में भी उगाई जा सकती है.

दरअसल सेब की पैदावार कश्मीर या हिमाचल की सर्द वादियों में ही होती है, जिसमें कश्मीर का ही सेब लोग ज्यादा खाना पसंद करते हैं. मगर जम्मू में सेब की पैदावार होना किसी कुदरती करिश्मे से कम नहीं है. सांबा जिले के राजडी गांव के साहिब बंदगी आश्रम के बाग-बगीचों में भारी मात्रा में सेब की इस किस्म की पैदावार हो रही है. हैरान करने वाली बात यह है कि जहां कश्मीर में मात्र 20 डिग्री तापमान पर सेब की पैदावार होती है, मगर जम्मू में यह पैदावार 45 डिग्री तापमान पर हो रही है. आश्रम में 500 से ज्यादा सेब के पेड़ लगाए गए हैं.

बता दें कि सांबा जिले के कंडी इलाके में पानी की काफी ज्यादा किल्लत रहती है. इसकी वजह से किसानों को खेती-बाड़ी करने में परेशानी होती है. कई बार तो पानी की कमी होने के कारण फसलें उगती ही नहीं है.

साइंटिस्ट के. सी. शर्मा ने बताया कि सेब का एक पेड़ लगभग 1 क्विंटल फल देता है. आश्रम में हर साल लगभग ढाई सौ से 300 क्विंटल सेब की पैदावार होती है. मैं देश के कई हिस्सों में सेब की इस प्रजाति के पेड़ लगा चुका हूँ।

How to cultivate Kashmiri apple

किसानों को संदेश देते हुए साइंटिस्ट के. सी. शर्मा का कहना है कि किसान कंडी इलाके में इस सेब की पैदावार को बड़ी आसानी से कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें मिट्टी की जांच भी नहीं करवानी पड़े्गी. उनका दावा है कि न सिर्फ जम्मू के बल्कि देश भर के किसानों के लिए ये एक अच्छा रोजगार का साधन बन सकता है.

उन्होंने ये भी बताया है कि कश्मीर में अगर 20 डिग्री से ज्यादा तापमान हो जाए तो सेब की फसल खराब हो जाती है, मगर जम्मू में HRMN-99 प्रजाति के सेब की फसल 45 डिग्री तापमान पर भी जिंदा रह सकती है.

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