Narendra Modi on International Yoga Day: योग दिवस पर PM मोदी ने कही ये 10 खास बातें

योग दिवस (International Yoga Day) की शुरुआत 21 जून 2015 को हुई थी. इस साल की योग दिवस की थीम ‘योगा एट होम, योगा बिथ फैमिली’ रखी गई है. प्रधानमंत्री मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस एक प्रकार से एकजुटता का दिन है. जो हमें जोड़े और दूरियों को खत्म करे, वही योग है.’ पढ़ें योग दिवस पर प्रधा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन की बड़ी बातें:-

भारत समेत दुनियाभर में आज (21 जून को) छठवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day 2020) मनाया जा रहा है. कोरोना वायरस महामारी (Covid-19 Pandemic) के चलते इस बार लोग एक स्थान पर जमा नहीं होंगे. डिजिटल प्लेटफॉर्म और घर पर ही योग दिवस मनाया जा रहा है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने देश के नाम संदेश दिया।उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस खासतौर पर हमारे श्वसन तंत्र पर हमला करता है. इसलिए इस योग दिवस पर प्राणायाम जरूर करें।ये आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाएगा।

योग दिवस की शुरुआत 21 जून 2015 को हुई थी. इस साल की योग दिवस की थीम ‘योगा एट होम, योगा बिथ फैमिली’ रखी गई है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस एक प्रकार से एकजुटता का दिन है।जो हमें जोड़े और दूरियों को खत्म करे, वही योग है इसबार हम सभी घर पर योग कर रहे हैं तो यह योग दिवस फैमिली बॉन्डिंग बढ़ाने का भी दिन है.’

● योग दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन की बड़ी बातें:-

1॰ पीएम मोदी ने कहा कि छठे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का ये दिन एकजुटता का दिन है. ये विश्व बंधुत्व के संदेश का दिन है. बच्चे, बड़े, युवा, परिवार के बुजुर्ग, सभी जब एक साथ योग के माध्यम से जुडते हैं, तो पूरे घर में एक ऊर्जा का संचार होता है. इसलिए, इस बार का योग दिवस, भावनात्मक योग का भी दिन है.

2 ॰पीएम मोदी ने कहा कि योग का अर्थ ही है समत्वम् योग उच्यते. अर्थात, अनुकूलता-प्रतिकूलता, सफलता-विफलता, सुख-संकट, हर परिस्थिति में समान रहने, अडिग रहने का नाम ही योग है.

3 ॰पीएम मोदी ने कहा कि जब हम योग के माध्यम से समस्याओं के समाधान और दुनिया के कल्याण की बात कर रहे हैं, तो मैं योगेश्वर कृष्ण के कर्मयोग का भी आपको पुनः स्मरण करना चाहता हूं. गीता में भगवान कृष्ण ने योग की व्याख्या करते हुए कहा है- ‘योगः कर्मसु कौशलम्’अर्थात्, कर्म की कुशलता ही योग है.

4॰ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारे यहां कहा गया है कि युक्त आहार विहारस्य, युक्त चेष्टस्य कर्मसु, युक्त स्वप्ना-व-बोधस्य, योगो भवति दु:खहा. अर्थात्, सही खान-पान, सही ढंग से खेल-कूद, सोने-जागने की सही आदतें, और अपने काम को सही ढंग से करना ही योग है.

5॰ उन्होंने कहा- ‘जो हमें जोड़े, साथ लाये वही तो योग है, जो दूरियों को खत्म करे, वही तो योग है. कोरोना के इस संकट के दौरान दुनिया भर के लोगों का My Life – My Yoga वीडियो ब्लॉगिंग कंपटीशन में हिस्सा लेना, दिखाता है कि योग के प्रति उत्साह कितना बढ़ रहा है.’

6॰प्रधानमंत्री ने कहा, ‘Covid-19 वायरस खासतौर पर हमारे श्वसन तंत्र, यानी Respiratory System पर अटैक करता है. हमारे Respiratory System को मजबूत करने में जिससे सबसे ज्यादा मदद मिलती है, वो है प्राणायाम. इसलिए कोरोना काल में अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए योग जरूर करें.’

7॰उन्होंने कहा- आप प्राणायाम को अपने नियमित अभ्यास में जरूर शामिल करिए. अनुलोम-विलोम के साथ ही दूसरी प्राणायाम तकनीकों को भी सीखिए. इससे सेहत बनेगी.’

8॰ पीएम मोदी ने कहा- ‘योग से हमें वह आत्मविश्वास भी मिलता है, जिससे हम तनाव दूर कर सकते हैं. इससे हमें मानसिक शांति के साथ संयम और सहनशक्ति भी मिलती है.’

9॰ पीएम ने कहा कि योग का अर्थ समर्पण, सफलता है. हर परिस्थिति में समान रहने का नाम योग है. योग किसी से भेदभाव नहीं करता. योग कोई भी कर सकता है. योग से शांति और सहनशक्ति मिलती है. कर्म की कुशलता ही योग है. कोरोना से बचने के लिए योग जरूरी है.

10॰पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, ‘योग से दुनिया में शांति और खुशहाली आती है. योग से हमारी शक्ति कई गुना बढ़ जाती है. विपरीत परिस्थिति में सक्रिय रहने के लिए योग जरूरी है. अपनी जिम्मेदारियों को निभाना भी योग है. अपने और अपनों के स्वास्थ्य के लिए कोशिश करे।

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