सुशांत सिंह राजपूत मामले में महाराष्ट्र पुलिस का कार्यकलाप लगातार सवालों के घेरे में है। अब मुंबई पुलिसकर्मी का ये बयान सामने आ रहा है जिसमें मुंबई पुलिस कहती है कि CBI को इस मामले में बिहार सरकार के अनुरोध पर FIR दर्ज ही नहीं करनी चाहिए थी। 

दरअसल, महाराष्ट्र पुलिस ने कोर्ट में कहा कि जब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है तो CBI को न तो केस दर्ज कर जांच टीम बनाकर आगे इस केस में आगे नहीं बढ़ना चाहिए था। कोर्ट के फैसले तक CBI को रुकना चाहिए था।

बता दें, महाराष्ट्र सरकार ने सील बंद लिफाफे में जांच की रिपोर्ट दाखिल किया और बिहार सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार सरकार ने नियमों के खिलाफ जा कर काम किया है। बिहार सरकार के पास केवल जीरो FIR दर्ज करने का अधिकार था। उन्हें FIR दर्ज कर हमारे पास भेजनी चाहिए थी।

FIR दर्ज कर बिहार पुलिस ने खुद ही जांच शुरू कर दी, जिसका उन्हें कोई अधिकार नहीं है। दाखिल जवाब में कहा गया कि जब जांच ही गैरकानूनी है तो बिहार सरकार CBI जांच की अनुशंसा कैसे कर सकती है। केंद्र ने भी CBI जांच की सिफारिश मान कर गलत किया। बिहार सरकार का CBI जांच की सिफारिश करना उचित नहीं था। केंद्र सरकार का बिहार की अनधिकृत सिफारिश मानना केंद्र-राज्य संबंधों की संवैधानिक मर्यादा के खिलाफ है।

सुप्रीम कोर्ट में दिए गए हलफनामें में ये कहा गया

  • सुप्रीम कोर्ट में यह हलफनामा बांद्रा पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर भूषण बेलनेकर ने दायर किया। इसमें उन्होंने बताया कि 14 जून को दोपहर 2 बजे एक कॉल आया, जिसमें सुशांत सिंह राजपूत द्वारा फंदा लगाकार आत्महत्या करने की बात कही गई। इसके बाद मौके पर जाकर देखा तो मृतक का शव बिस्तर पर पड़ा था, सुशांत के घर मीतू सिंह और चार अन्य लोग मौजूद थे। उनके मुताबिक, केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।
  • हलफनामे में दावा किया गया कि परिवार के सदस्यों को किसी के खिलाफ कोई संदेह नहीं था और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ किसी भी तरह के आरोप नहीं लगाए थे। इसमें कहा गया कि ध्यान देने वाली बात है कि ये बाद के बयानों के विपरीत पहले दर्ज किए गए कथन हैं, जो कि बाद में दिए गए बयानों के विपरीत हैं, जो स्पष्ट रूप से विचार के बाद दागे गए हैं।
  • अगर परिवार के सदस्यों ने बांद्रा पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज करने की इच्छा व्यक्त की होती तो पुलिस अधिकारी पटना जाते और उनके बयान दर्ज करते। वहीं, पटना सिटी एसपी को क्वारनटीन करने का कदम बीएमसी ने उठाया था और इसमें पुलिस का हाथ नहीं था।

राज्य सरकार सीबीआई जांच का विरोध करती है: गृहमंत्री अनिल देशमुख
वहीं इस मामले में महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने शनिवार को कहा कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में राज्य सरकार सीबीआई जांच का विरोध करती है, मगर वह सुप्रीम कोर्ट के निदेशरें के मुताबिक काम करेगी। एक महत्वपूर्ण बयान में देशमुख ने मीडियाकर्मियों से कहा कि राज्य मामले की जांच के शीर्ष अदालत के फैसले का पालन करेगा, लेकिन प्रदेश अधिकार क्षेत्र के आधार पर सीबीआई जांच का विरोध करता है। उन्होंने कहा, मुंबई पुलिस मामले की पूरी तरह से और पेशेवर रूप से जांच कर रही है। हालांकि हम 11 अगस्त को होने वाली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट के कहे अनुसार चलेंगे।

गवाहों को प्रभावित कर रही रिया: सुशांत के पिता केके सिंह
उधर सुशांत सिंह के पिता केके सिंह ने शनिवार को रिया चक्रवर्ती की ट्रांसफर याचिका के जवाब में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया। इसमें सिंह ने कहा कि रिया ने सुशांत के दोस्त सिद्धार्थ पिठानी पर दबाव बनाया था। उन्होंने हलफनामे में बताया कि रिया की याचिका में कोई मेरिट नहीं है, इसलिए इसे खारिज किया जाना चाहिए। सुशांत के पिता ने रिया पर आरोप लगाया कि उन्होंने गवाहों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। रिया चक्रवर्ती ने सुप्रीम कोर्ट में बिहार पुलिस से सुशांत का केस मुंबई ट्रांसफर कराने के लिए याचिका दर्ज की थी, जिसके जवाब में केके सिंह ने हलफनामा दायर किया है।

केस मुंबई शिफ्ट करने की रिया की अपील पर SC में 11 को सुनवाई
गौरतलब है कि सुशांत के पिता केके सिंह ने पटना में सुशांत सिंह की गर्लफ्रेंड रही रिया चक्रवर्ती के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। इसमें उन्होंने रिया पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।रिया ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मामले को मुंबई शिफ्ट करने की अपील की है। सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले में 11 अगस्त को सुनवाई करेगा। वहीं, केंद्र सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि यह मामला अब CBIको ट्रांसफर कर दिया गया है।

CBI ने 7 लोगों पर केस दर्ज किया
बता दें कि मामले की जांच के लिए CBI ने स्पेशल टीम का गठन किया है और इसकी जांच भी शुरू कर दी है। CBI ने 7 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है, जिनमें रिया, उनके पिता इंद्रजीत, भाई शोविक, मां संध्या, सैमुअल मिरांडा, सुशांत के हाउस मैनेजर और सुशांत की पूर्व बिजनेस मैनेजर श्रुति मोदी के नाम शामिल हैं। सातवें आरोपी के नाम का खुलासा नहीं किया गया है। CBI ने भी सुप्रीम कोर्ट से निवेदन किया है कि वह सुशांत सिंह राजपूत मामले में उन्हें पक्षकार बनाया जाए।

सुशांत के पिता और बहन से मिले हरियाणा CM मनोहरलाल खट्टर
सुशांत के पिता केके सिंह और उनकी बहन रानी सिंह से फरीदाबाद में मुलाकात की। सुशांत सिंह के पिता को सांत्वना देते हुए मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने आश्वस्त किया कि पूरा मामला CBI को ट्रांसफर होने के बाद अब उन्हें न्याय अवश्य मिलेगा। सुशांत सिंह के जीजा ओपी सिंह फरीदाबाद के पुलिस कमिश्नर हैं।

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