Private Train में यात्रियों को मिलेगी ये विशेष सुविधाएँ। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने कहा कि किराया बाजार और प्रतिस्पर्धी कीमत पर आधारित होगा.

नई दिल्ली: 

निजी रेलगाड़ियां चलने के बाद उसमें एयरलाइन वाली सुविधाएँ यात्रियों को मिल सकती है बशर्ते प्राइवेट यात्रियों को पसंदीदा सीट, सामान और यात्रा के दौरान सेवाओं के लिये राशि का भुगतान करना पड़ सकता है. साथ ही ट्रेन चलाने वाले प्राइवट कम्पनी को किराया तय करना का पूरा अधिकार होगा यानी वो जितना चाहे किराया वसूल सकती है । इसके बदले में उन्हें यात्रियों को सुविधाएँ कौन कौन सी देनी है इसके विकल्प का चुनाव कम्पनी ही करेगी ।

आरएफक्यू में कहा गया है, ‘‘सकल राजस्व की परिभाषा अभी विचाराधीन है. वैसे इसमें निम्न बातें शामिल हो सकती है. यात्रियों या किसी तीसरे पक्ष द्वारा यात्रियों को सेवा देने के एवज में संबंधित कंपनी को प्राप्त राशि इसके अंतर्गत आएगा. इसमें टिकट पर किराया राशि, पसंदीदा सीट का विकल्प, सामान/पार्सल/कार्गो (अगर टिकट किराया में शामिल नहीं है) के लिये शुल्क शामिल होगा.”

दस्तावेज के अनुसार, ‘‘यात्रा के दौरान सेवाओं जैसे खान-पान, बिछावन, मांग पर उपलब्ध करायी गयी कोई सामग्री, वाई फाई (अगर टिकट किराया में शामिल नहीं है). इसके अलावा विज्ञापन, ब्रांडिंग जैसी चीजों से प्राप्त राशि भी सकल राजस्व का हिस्सा होगी.”

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने संवाददाता सम्मेलन में टिकट किराया महंगा होने की आशंका को खारिज करते हुए कहा था कि ये बाजार और प्रतिस्पर्धी कीमत पर आधारित होगा. उल्लेखनीय है कि रेलवे ने पहली बार देश भर में 109 मार्गों पर 151 आधुनिक यात्री ट्रेनें चलाने को लेकर निजी कंपनियों से प्रस्ताव आमंत्रित किये हैं. इस परियोजना में निजी क्षेत्र से करीब 30,000 करोड़ रुपये का निवेश अनुमानित है.

निजी कंपनी कहीं से भी इंजन और ट्रेन खरीदने के लिये स्वतंत्र होगी बशर्तें वे समझौते के तहत निर्धारित शर्तों एवं मानकों को पूरा करते हों. हालांकि समझौते में निश्चित अवधि तक घरेलू स्तर पर होने वाले उत्पादन के जरिये खरीदने का प्रावधान होगा.
 

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