July 29, 2021

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नेहरु ने भारत का यह खुबसुरत आइलैंड क्यों बेच दिया

seven mistakes of nehru

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Why did Nehru gifted kabo/kabaw valley to burma story in hindi seven mistakes of pandit jawahar lal nehru in hindi: वर्ष 1951 में नेपाल के राजा गिरिभुवन ने नेपाल को भारत में वीलय करने का प्रस्ताव दिया था। चाचा नेहरू ने इन्कार कर दिया था।

बलुचिस्तान के नवाब खान ने नेहरू को पत्र लिखकर बाकायदा अनुरोध किया था कि बलुचिस्तान को भारत के साथ शामिल करने की कृपा करें. हम भारत के साथ रहना चाहते हैं। नेहरू ने इन्कार कर दिया। नतीजा पाकिस्तान ने बंदुक के बल पर बलुचिस्तान को कब्जा कर लिया।

सन् 1947 में ओमान अपना ग्वादर पोर्ट भारत को दे रहा था. नेहरू ने यह ऑफर ठुकरा दिया था। नतीजतन पाकिस्तान ने लेकर फिर चीन को दे दिया। आज चीन हमारे ऊपर डन्डा घुमा रहा है।

सन् 1950 में नेहरू ने बर्मा को कोको आइलैंड दान में दे दिया। बर्मा ने चीन को बेच दिया। नतीजा, आज उस आईलैंड की मदद से चीन हमारे नौसेना की जासूसी करता है।

सन् 1952 में चाचा ने अपने नीजी स्वार्थ के लिए 22,324 वर्ग किलोमीटर का एक बेहद खुबसुरत आईलैँड बर्मा को दान में दे दिया था। कहते हैं ये कश्मीर के जैसा ही सुंदर और रमणीक स्थल था। बाद में बर्मा ने चीन को यह भी बेच दिया। नतीजा आज चीन वहां से हमारे ऊपर जासूसी करता है.

देश की आजादी के तुरंत बाद में अमेरिका के राष्ट्रपति ने नेहरू न्युक्लियर पावर का भारत में प्लांट लगाने का प्रस्ताव दिया था और UNO का स्थाई सदस्य बनाने की बात कही थी. नेहरू ने यह भी इन्कार कर दिया और चीन को सदस्य बनाया गया.

सन् 1962 के चीन के साथ युद्ध में भारतीय वायुसेना के प्लान के मुताबिक युद्ध लड़ने से नेहरु ने मना कर दिया था. नतीजतन, भारत को आत्मसमर्पण करना पड़ा। यहां भी नेहरु ने चीन को भेंट स्वरूप 14000 बर्ग किलोमीटर का एरिया सौंप दिया । इस युद्ध में 3000 से अधिक भारत के जवान शहीद हुए थे। इसी एरिया को अक्साई चिन कहते हैं।

तो ये थे नेहरु की सात गलतीयां जिसका खमियाजा आज भी भारत भूगत रहा है.